प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश और उनके संस्थापक इस प्रकार हैं : हर्यक वंश - बिम्बिसार  शिशुनाग वंश - शिशुनाग नन्द वंश - महापद्मनंद  मौर्य वंश - चन्द्रगुप्त मौर्य  शुंग वंश - पुष्यमित्र शुंग  कण्व वंश - वासुदेव  सातवाहन वंश - सिमुक कुषाण वंश - कुजुल कडफिसस प्रथम  गुप्त वंश - श्री गुप्त  पुष्यभूति वंश … Continue reading प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश

कृष्णदेव राय कौन थे

कृष्णदेव राय (1509-1529 ई.) विजयनगर साम्राज्य के सबसे प्रतापी और दूरदर्शी शासकों में से एक थे। तुलुव वंश के इस महान सम्राट ने अपनी बुद्धिमत्ता, युद्ध कौशल और प्रशासनिक कुशलता से विजयनगर को दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली साम्राज्य बनाया। आइए, उनके जीवन और योगदान पर एक नजर डालें: 1. प्रारंभिक जीवन और सत्ता में … Continue reading कृष्णदेव राय कौन थे

सम्पूर्ण चोल वंश विस्तार से

चोल साम्राज्य प्राचीन भारत के सबसे शक्तिशाली और लंबे समय तक शासन करने वाले राजवंशों में से एक था। इस राजवंश ने 9वीं शताब्दी से 13वीं शताब्दी ईस्वी तक दक्षिण भारत और पड़ोसी क्षेत्रों में एक विशाल हिंदू साम्राज्य का निर्माण किया।  * विजयालय (850-871 ई.) चोल साम्राज्य के संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने पल्लवों … Continue reading सम्पूर्ण चोल वंश विस्तार से

भारत में स्तन कर क्यों लिया जाता है | नांगेली की कहानी

इतिहास गवाह रहा है कि उच्च जातियों ने हमेशा से ही निम्न जातियों का शोषण किया है चाहे सामाजिक रूप से हो या आर्थिक रूप से। आज हम एक ऐसी शोषण की कहानी लेकर आए हैं जिसके बारे में जानकर किसी भी सभ्य समाज के इंसान का खून खौल जाएगा। पुराने समय में भारत के … Continue reading भारत में स्तन कर क्यों लिया जाता है | नांगेली की कहानी

डा. भीमराव अम्बेडकर: एक मसीहा

डॉ. भीमराव अम्बेडकर: शिक्षा का प्रतीक डॉ. भीमराव अम्बेडकर, जिन्हें बाबासाहेब के नाम से भी जाना जाता है, न केवल भारतीय संविधान के निर्माता थे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपनी जिंदगी में असाधारण शैक्षिक उपलब्धियाँ हासिल कीं और समाज को शिक्षा का महत्व समझाया।शिक्षा यात्रा:1912 में बॉम्बे विश्वविद्यालय … Continue reading डा. भीमराव अम्बेडकर: एक मसीहा

हर्षवर्धन काल (590 ई.-647 ई.)

(1)हर्षवर्धन किस वंश से सम्बंधित शासक था? (A)वर्धन वंश (B)चालुक्य वंश (C)मौर्य वंश (D)गुर्जर प्रतिहार वंश उत्तर:A   (2) खेडा तथा मधुवन ताम्रपत्र में वर्धन वंश की वंशावली में कितने पूर्वजों का नाम दिया है? (A)2 (B)5 (C)4 (D)7 उत्तर: B   (3)हर्षवर्धन की बहन राज्यश्री का विवाह किसके साथ हुआ था? (A)गृहवर्मा (B)देवगुप्त (C)शशांक … Continue reading हर्षवर्धन काल (590 ई.-647 ई.)

बौद्ध धर्म : बौद्ध संगीतियाँ

बौद्ध धर्म की महासंगीतियाँ : (1) प्रथम बौद्ध संगीति : समय :483 ई.पू. स्थान :सप्तपर्णिगुफा (राजगृह) शासनकाल: अजातशत्रु अध्यक्ष: महाकस्सप कार्य: बुद्ध के उपदेशों को सुत्तपिटक और विनयपिटक में अलग अलग संकलित किया गया।   (2) द्वितीय बौद्ध संगीति : समय :383 ई.पू. स्थान :वैशाली शासनकाल: कालाशोक अध्यक्ष: सब्बाकामी कार्य:भिक्षुओं में मतभेद होने के कारण … Continue reading बौद्ध धर्म : बौद्ध संगीतियाँ

बौद्ध धर्म के सिद्धांत

बौद्ध धर्म के सिद्धांत : बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धांत इस प्रकार है। (1) चार आर्य सत्य: महात्मा बुद्ध द्वारा बताए गए चार आर्य सत्य इस प्रकार है- (क) जीवन में दुख ही दुख है (ख) इस दुख का कारण है तृष्णा (ग)दुख दूर करने के लिए इसके कारण का निवारण आवश्यक है (घ) दुख … Continue reading बौद्ध धर्म के सिद्धांत

महात्मा बुद्ध जीवन परिचय

बौद्ध धर्म की स्थापना महात्मा बुद्ध ने की थी।आइए हम महात्मा बुद्ध और बौद्ध धर्म के बारे में विस्तार से जानते हैं। महात्मा बुद्ध के बारे में: जन्म : 563 ई.पू. जन्मस्थान: लुम्बिनी वन (कपिलवस्तु, वर्तमान में लुम्मदेई,नेपाल) पिता : शुद्दोधन (शाक्यों के राज्य कपिलवस्तु के शासक थे) माता : महामाया देवी बचपन का नाम … Continue reading महात्मा बुद्ध जीवन परिचय

विजयनगर साम्राज्य

प्रश्न : विजयनगर साम्राज्य की स्थापना कब हुई ? उत्तर: 1336 ई. प्रश्न :संगम वंश का संस्थापक कौन था ? उत्तर: हरिहर एवं बुक्का प्रश्न :सालुव वंश का संस्थापक कौन था ? उत्तर: सालुव नरसिंह प्रश्न : तुलुव वंश का संस्थापक कौन था ? उत्तर: वीर नरसिंह प्रश्न : आरविडु वंश का संस्थापक कौन था ? उत्तर: … Continue reading विजयनगर साम्राज्य