दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब पूर्व मुख्यमंत्री होने वाले हैं। वह आज 17 सितंबर को उपराज्यपाल वीके सक्सेना को अपना इस्तीफा सौपेंगे।इस्तीफा सौंपने से पहले मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक की जाएगी जहां पर पार्टी के 59 विधायकों की सहमति से नये मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगनी है ।ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपने किसी भरोसेमंद इंसान को ही बैठाएंगे हालांकि इसका फैसला आज शाम तक हो हघ जाएगा। मुख्यमंत्री भले ही कोई और होगा मगर आर्डर उन्हीं का चलेगा।
क्यों दे रहे हैं इस्तीफा :
आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल आबकारी घोटाले से जुडे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पांच महीने से तिहाड़ जेल में बन्द थे और अभी 13 सितंबर को जमानत पर बाहर आए हैं । अरविंद केजरीवाल के जेल जाने और इतने दिन तक जेल में रहने से जनता के बीच उनकी छवि प्रभावित जरूर हुई है और प्रभावित छवि के साथ अगले चुनाव में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कम थी इसलिए जनता के बीच पार्टी की छवि सुधारने की तरफ ये इस्तीफा एक बेहतर राजनीतिक कदम हो सकता है। इसी के मद्देनजर 15 सितंबर रविवार को उन्होंने पद त्यागने की घोषणा की। उनका कहना है जब तक जनता उनको ईमानदारी का प्रमाण पत्र नहीं दे देगी तब तक वो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दोबारा नहीं बैठेंगे। इसका सीधा सम्बंध आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने से है। अगर जनता फिर से आम आदमी पार्टी को जिताएगी तो अरविंद केजरीवाल वापसी कर सकते हैं। अरविंद केजरीवाल के द्वारा लिए गए इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी दिखी जिसकी वजह से पार्टी कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर तक सन्नाटा पसरा रहा। आपको यह भी बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे इससे पहले भी एक बार 2014 में कांग्रेस के समर्थन में 49 दिन की सरकार चलाने के बाद इस्तीफा दिया था। जिसके बाद के चुनाव में आम आदमी पार्टी को प्रचण्ड बहुमत प्राप्त हुआ था।