दोस्तों आपके मन मे भी यह सवाल उठता होगा कि कौन है यह लडकी जो रातों रात सोशल मीडिया पर छा गई है। दोस्तों ये है अमेरिकी ट्रैक और फील्ड धावक शा’कैरी रिचर्डसन जिन्होंने अभी पेरिस ओलंपिक में 100 मीटर की दौड़ में रजत पदक और महिलाओं के 4×100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है। इनकी रफ्तार तो आप लोग देख ही चुके होंगे कि कितनी खतरनाक और तेज है इसीलिए शायद सोशल मीडिया पर उनको रफ्तार की रानी यानी स्पीड क्वीन कहकर सम्बोधित किया जा रहा है।
शा’कैरी रिचर्डसन का जन्म 25 मार्च 2000 को डलास,टेक्सास, यूएस में हुआ था। इनका अपने जैविक माता पिता से कोई सम्बन्ध न होने के कारण इनका पालन पोषण इनकी दादी और चाची ने किया। रिचर्डसन मिडिल स्कूल में पढने के दौरान ही एक ट्रैक एंड फील्ड क्लब की मेम्बर बन चुकी थीं और डलास के डेविस डब्ल्यू कार्टर हाईस्कूल में ही वह एक स्टार एथलीट बन गई थी। 2016 में सेकंड इयर की छात्र के रूप में रिचर्डसन ने AAU (एम्मेच्योर एथलेटिक यूनियन) जूनियर ओलंपिक में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की और 100 मीटर की रेस भी जीत ली। इसके बाद उन्होंने USATF ( यूएसए ट्रैक एंड फील्ड) नेशनल जूनियर ओलंपिक ट्रैक एंड फील्ड चैम्पियनशिप में 200 मीटर में कांस्य जीता।
इसके बाद 2017 में रिचर्डसन ने पैन अमेरिकन U20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में दौडते हुए अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और 4×100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता। फिर 2018 में स्नातक होने के बाद उन्होंने लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी (LSU) में दाखिला लिया। 2019 में नए सत्र के दौरान ही उन्होंने 100 मीटर की दौड़ 10.75 सेकंड में पूरी करके नेशनल कोलिजिएट एथलेटिक एसोसिएशन का रिकॉर्ड बनाया। 2019 में ही LSU छोडकर रिचर्डसन पेशेवर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हुई और तुरंत ही नाइकी के साथ एक अनुबंध भी हस्ताक्षर किए।
2021 में रिचर्डसन ने अमेरिका में यूएस ओलंपिक ट्रायल में भाग लिया जहां उन्होंने 100 मीटर की दौड़ में 10.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान प्राप्त किया और ओलंपिक के लिए योग्य बन गई। हालांकि उनके कैरियर पर तब विराम लग गया जब वह मारिजुआना ड्रग्स टेस्ट में पोजिटिव पाई गई और उन्हें एंटी डोपिंग एजेंसी द्वारा निलंबित कर दिया गया। इसके जवाब में रिचर्डसन ने स्वीकार किया कि हाँ मैने मारिजुआना लिया था लेकिन वह सिर्फ अपनी जैविक मां के निधन के सदमे से उबरने के लिए। उसके बाद रिचर्डसन को लोगों की सहानुभूति मिली और उन्होंने फिर से खुद को सम्भाला और तैयारी शुरू कर दी और बहुत सारी लोकल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में उच्च प्रदर्शन किया।
फिर 2024 में अमेरिका में ओलंपिक के लिए ट्रायल हुए और रिचर्डसन फिर से क्वालीफाई कर गई। इसके बाद की कहानी आप सबको पता है कि पेरिस में रिचर्डसन 100 मीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी लेकिन उन्हें सेंट लूसिया की जूलियन अल्फ्रेड के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ और रजत से ही संतोष करना पडा। इसके बाद रिचर्डसन ने महिलाओं के 4×100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी स्टाइल और स्पीड से लोगों का दिल जीत लिया।